मैत्रेय बुद्ध पिरामिड

बेंगलूरु के सात आश्चर्यों में से एक :

पिछले दिनों बेंगलूरु शहर के सात आश्चर्यों का चुनाव करने के लिए एक अभियान चलाया गया था। अधिकाधिक लोगों ने SMS भेजकर मैत्रेय बुद्ध पिरामिड को इस चुनाव में विजयी बनाया। यह सभी पिरामिड ध्यानियों के लिए गर्व व प्रसन्नता का विषय है। प्रस्तुत है मैत्रेय बुद्ध पिरामिड का संक्षिप्त विवरण :

पिरामिड शक्ति व ऊर्जा का भण्डार :

बेंगलूरु से लगभग चालीस किलोमीटर दूर कनकपुरा रोड पर चट्टानी पहाड़ियों तथा हरी भरी घाटियों के मध्य स्थित है `मैत्रेय बुद्ध पिरामिड’। यह विश्व का सबसे बड़ा ध्यान पिरामिड है।

यह पिरामिड एक सौ दो(102) फुट ऊँचा है और इसका एक सौ साठ(160) X एक सौ साठ(160) फुट का वर्गाकार आधार (base) है, इसके अन्दर एक ही समय पर पाँच हज़ार ध्यानी बैठ कर ध्यान कर सकते हैं।

पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज़ मूवमेंट की एक केन्द्रीय संस्था है पिरामिड स्पिरिचुअल ट्रस्ट। यह एक ऐसी संस्था है जो किसी धर्म या जाति विशेष से सम्बन्ध नहीं रखती, यह एक स्वयंसेवी आध्यात्मिक संस्था है जिसका मुख्य उद्देश्य है आनापानसति ध्यान तथा शाकाहारवाद का प्रचार करना।

इस पिरामिड का डिज़ाइन स्टील के आधारभूत ढाँचे के ऊपर बनाया गया है जिसे एक सुदृढ़ सीमेंट के बने आधार पर खड़ा किया गया है। स्टील का यह फ़्रेम चालीस हज़ार सीमेंट-टाइल्स के द्वारा ढका गया है जिन्हें इस तरह फ़िट किया गया है जिससे पंच तत्वों के सुन्दर murals (भित्ति चित्र) बन गए हैं।

पिरामिड का उत्तर-मुख(north face) वायु तत्व को दिखाता है, दक्षिण मुख अग्नि तत्व को, पश्चिम मुख पृथ्वी तत्व को तथा पूर्व मुख जल तत्व को प्रदर्शित करता है। पिरामिड का भीतरी भाग आकाश तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।

पिरामिड को बनाते समय जिस डिज़ाइन को ध्यान में रखा गया है वह है उत्तर-दक्षिण का पूर्वाभिमुखीकरण(orientation) और 51 डिग्री 52 मिनिट का स्वर्णिम कोण चारों ओर बनाना | केवल यही कोण सर्वाधिक विश्वशक्ति को खींचकर उसे कई गुणा बढ़ाने में सक्षम होता है। पिरामिड के अन्दर बना सर्पाकार(spiral) किंग्ज़ चेम्बर 34 फुट की ऊँचाई पर बना है और इस बिन्दु पर सर्वाधिक ऊर्जा एकत्र होती है और यहाँ एक ही समय पर चालीस लोग बैठ कर ध्यान कर सकते हैं|

पिरामिड के अन्दर लगभग 640 स्फटिक (crystals) लगे हुए हैं जिनसे पिरामिड ऊर्जा कई गुणा बढ़ जाती है जिसके परिणामस्वरूप गहन आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करने में मदद मिलती है। पिरामिड का निचला हॉल महात्मा बुद्ध के जीवन की कुछ झाँकियों को दर्शाता है। यहाँ हम सत्ताइस सोपान(steps) नीचे उतर कर पहूँचते हैं इसलिए बहुत कम रोशनी रहती है क्योंकि यहाँ भू-स्तर पर बनी कुछ खिड़कियों से ही थोड़ी बहुत रोशनी आ पाती है।

पिरामिड ऊर्जा का भण्डार होते हैं। इनका geometrical design ही इस प्रकार होता है कि ये विश्व ऊर्जा को अधिक मात्रा में संगृहीत करके और फिर उसे सब और फैलाने में सक्षम होते हैं।

पिरामिड के नीचे या उसके अन्दर बैठकर किया जाने वाला ध्यान पिरामिड ध्यान कहलाता है। साधारण ध्यान से इस प्रकार के ध्यान में हमें तीन गुणा अधिक ऊर्जा मिलती है और वह भी कम समय में। पिरामिड हमारे शरीर के तनाव को कम करके हमें शीघ्र ही एकाग्र बनाने में सहायक होते हैं।

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