पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटी मास्टर्स के लिए 18 आदर्श सूत्र

  1. सही ढंग अर्थात् आनपानासाति से ही ध्यान करना और करवाना|
  2. सही आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ना|
  3. ध्यानानुभवों और ज्ञानियों के पुस्तक ज्ञान को परस्पर बाँट लेना|
  4. पूर्णिमा ध्यान करना|
  5. पिरामिड ऊर्जाशक्ति का प्रयोग करना|
  6. एलोपैथी दवाइयों का सेवन कदापि न करना|
  7. सीमित आहार ही लेना, मांस भक्षण कदापि ना करना|
  8. मौन का पालन करना|
  9. प्रकृति हमारे लिए संजीवनी है. इसलिए प्रकृति के साथ ध्यान जीवन बिताना|
  10. कोई विशेष आध्यात्मिक वस्त्र को धारण न करना|
  11. बाल्यकाल से ही बच्चों को आध्यात्मिक शिक्षा देना|
  12. शिष्य न बनकर सारे "मास्टर्स" ही बनना|
  13. आध्यात्मिक शिक्षा देने में धन का कोई लेनदेन ना करना|
  14. मूर्ति पूजा एवं व्यक्ति पूजा को छोड़ देना|
  15. अपनी सभी समस्याओं का निवारण स्वयं करना|
  16. समाज में गृहस्थ जीवन बिताते हुए, स्वकार्यों को निभाते हुए जीवन मुक्ति पाना और वर्तमान जन्म को अंतिम जन्म बनाना|
  17. सभी ग्रामों और शहरों में पिरामिड ध्यान केन्द्र और पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज़ की स्थापना करना|
  18. अपने ध्यानानुभवों को सदा ग्रन्थस्थ करना| विवरण ...
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